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शनि मंदिर खिलचीपुर

दिशा
श्रेणी धार्मिक

खिलचीपुर के नाहरदा स्थित परिसर में प्राचीन शनि मंदिर है। यहां जिले के साथ ही आसपास से हजारों लोग दर्शन के लिए आते है। शनिचरी अमावस्या पर जिले के एक मात्र प्राचीन शनि मंदिर पर भक्तों की भीड़ लगी रहती है ।
खिलचीपुर रियासत के महाराजा दीवान उग्रसेन ने पहले खिलचीपुर के गाड्गंगा के तट पर शनिदेव की प्रतिमा स्थापित की राजा उग्रसेन को भगवान शनि देव ने स्वंप्न मे प्रेरणा अनुसार स्वम्भु प्रतिमा गाड्गंगा नदी से निकाल कर नदी के समीप स्थापित की गयी थी किंतु उस समय घना जंगल हुआ करता था जिस मे शेर सहित अन्य खतरनाक जंगली जानवर हुआ करते थे जिस कारण भक्तगनो को आने मे काफी दिक्कते आती थी इस लिये कुछ समय बाद सन 1920 मे खिलचीपुर रियासत के महाराजा बहादुर सरकार दुर्जन लाल सिह जी के द्वारा वर्तमान मे जहा शनि देव विराजमान है उनके द्वारा पुर्ण विधि विधान से स्थापना की गयी तथा शनि मंदिर का निर्माण कार्य कराया गया तब से लेकर आज तक हरियाली अमावस के दिन शनि मंदिर का स्थापना दिवस के रुप मे मनाया जाता है

फोटो गैलरी

  • शनि मंदिर
  • शनि मंदिर
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कैसे पहुंचें:

वायु मार्ग

155 किलोमीटर भोपाल हवाई अड्डा से

ट्रेन द्वारा

43 किलोमीटर ब्यावरा रेलवे स्टेशन से

सड़क मार्ग

1 किलोमीटर खिलचीपुर से ,20 किलोमीटर राजगढ़ मुख्यालय से